Friday, March 24, 2017

डॉक्‍टरो की Strike से दिल्‍ली और महाराष्‍ट्र के सरकारी अस्‍पतालों में चिकित्‍सा सेवाओं पर काफी असर

दिल्ली: महाराष्‍ट्र में रेजीडेंट डॉक्‍टरों की हड़ताल के समर्थन में दिल्‍ली में 20 हज़ार से अधिक डॉक्‍टरों के सामूहिक छुट्टी पर जाने से कल राजधानी के सरकारी अस्‍पतालों में चिकित्‍सा सेवाओं पर बुरा असर पड़ा। ओ.पी.डी. सेवाएं ठप्‍प होने से हज़ारों मरीज परेशान हुए।

डॉक्‍टर मरीजों के परिजनों द्वारा बढ़ते हुए हमलों का विरोध कर रहे हैं।

आरएमएल अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, सफदरजंग hospital सहित लगभग 40 से अधिक सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर काम पर नहीं आए, जबकि AIMS के डॉक्टरों ने दूसरे दिन भी काम करते समय हेलमेट पहनकर अपना विरोध जारी रखा, हालांकि हड़ताल के कारण आपातकालीन सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं, लेकिन बाह्य रोगी विभाग, OPD तथा अन्य सेवाओं पर असर पड़ा।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन-आईएमए, जिसके देशभर में 2.7 लाख सदस्य हैं, आंदोलन का समर्थन किया है।


इससे पहले, अस्‍पतालों में सुरक्षा बढ़ाने के महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री के आश्‍वासन और जल्‍द से जल्‍द काम पर लौटने के बम्‍बई उच्‍च न्‍यायालय के आदेश के बावजूद कल 4000 से ज़्यादा doctor काम पर नहीं आए।

जे.पी. नड्डा जो के केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री है, ने डॉक्‍टरों की सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर गहरी चिंता प्रकट की है। Twitter पर श्री नड्डा ने राज्‍यों से अनुरोध किया कि डॉक्‍टरों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सक्रिय उपाय किए जाएं। उन्‍होंने डॉक्‍टरों से भी अनुरोध किया कि लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्‍ध कराना जारी रखें, ताकि उन्‍हें कोई परेशानी न हो।

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