राष्ट्रपति 'प्रणव मुखर्जी' और प्रधानमंत्री 'नरेन्द्र मोदी' की अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शुभकामनाएं। लड़के और लड़कियों में समानता तथा महिला सशक्तिकरण पर जोर।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि देश की प्रत्येक बालिका को इस बात का भरोसा होना चाहिए कि सरकार उसे विकास के लिए अनुकूल वातावरण और समान अवसर उपलबध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्री मुखर्जी ने कहा कि लड़का-लड़की के बीच भेदभाव का आधुनिक भारत में कोई स्थान नहीं है।
श्री मुखर्जी ने कहा कि देश के अनेक हिस्सों में लड़के-लड़कियों के गिरते अनुपात को देखते हुए 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान शुरू किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में नारी शक्ति पुरस्कार प्रदान करते हुए श्री मुखर्जी ने महिलाओं के प्रति बढ़ते हिंसक अपराधों पर चिंता व्यक्त की। राष्ट्रपति ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रत्येक बालिका को प्राथमिक शिक्षा मिलें।
राष्ट्रपति ने महिलाओं के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनमें एक साथ अनेक कार्य करने की अपार क्षमता है और प्रतिबद्धता के साथ काम करने में उनका कोई मुकाबला नही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नारी शक्ति के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और समर्पण को नमन किया है।ओर gender equality की बात कही।
जहां पर पुरूषों से महिलाओं की संख्या ज्यादा हो, वहां पर जाकर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मिलने का सौभाग्य मिले। ये बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को एक नई प्रेरणा और ताकत का कारण बन सकता है। मैं देशवासियों को बधाई देता हूं।
श्री मुखर्जी ने कहा कि देश के अनेक हिस्सों में लड़के-लड़कियों के गिरते अनुपात को देखते हुए 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान शुरू किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में नारी शक्ति पुरस्कार प्रदान करते हुए श्री मुखर्जी ने महिलाओं के प्रति बढ़ते हिंसक अपराधों पर चिंता व्यक्त की। राष्ट्रपति ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रत्येक बालिका को प्राथमिक शिक्षा मिलें।
राष्ट्रपति ने महिलाओं के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनमें एक साथ अनेक कार्य करने की अपार क्षमता है और प्रतिबद्धता के साथ काम करने में उनका कोई मुकाबला नही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नारी शक्ति के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और समर्पण को नमन किया है।ओर gender equality की बात कही।
जहां पर पुरूषों से महिलाओं की संख्या ज्यादा हो, वहां पर जाकर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मिलने का सौभाग्य मिले। ये बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को एक नई प्रेरणा और ताकत का कारण बन सकता है। मैं देशवासियों को बधाई देता हूं।

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